Saturday, November 16, 2019

Mehandipur Balaji Rajasthan दरख्वास्त और अर्जी लगाने की विधि

श्री मेहंदीपुर बालाजी दर्शन की सही विधि
श्री मेहंदीपुर धाम जाने से पहले कोनसा कार्य करे

अगर आपने श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम जाने का मन बना लिया है। तो जाने से कम से कम एक सप्ताह पहले लहसुन, प्याज, अण्डा, मांस, शराब का सेवन बंद करना है।श्री मेहंदीपुर धाम जाने से ठीक पहले श्री बालाजी महाराज के सामने 11 रुपये एक लाल रंग के वस्र में लपेट कर रख दे और दरख्वास्त लगाए।मतलब श्री बालाजी महाराज के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करे हे बालाजी महाराज मै आपके दरबार में दर्शन के लिए आ रहा हु मुझे सुरक्षित पंहुचा देना।दरख्वास्त के 11 रुपये साथ ले जाये। जब तक आपके शहर के सिमा क्षेत्र से बाहर न जाये अन्न और जल का सेवन न करे।




श्री मेहंदीपुर धाम पहुंचने के बाद दर्शन की विधि

सामान्य दर्शन विधि (दरख्वास्त)
आपको कोई समस्या नहीं है सिर्फ श्री बालाजी महाराज का आशीर्वाद पाना चाहते है। तो बाबा के दरबार में दरख्वास्त लगा ने की परंपरा है।मेहंदीपुर धाम पहुंचने के बाद स्नान आदि कार्य निपटाकर बिना कुछ खाये पिए श्री बालाजी मंदिर पहुंच जाये।मंदिर में लगी दान पेटी में घर पर लगाए दरख्वास्त के 11 रूपये डाल दे और बालाजी महाराज का धन्यवाद अदा करे बाबा आपकी कृपा से मै सुरक्षित आपके दरबार में पहुंच गया हु।

श्री बालाजी महाराज के दर्शन के लिए जाने से पहले मंदिर के आस पास बने प्रसाद की दुकान वाले को दरख्वास्त का प्रसाद देने को कहे। दुकानदार एक दोने में छोटे छोटे 6 लड्डू और कुछ बतासे देता है।प्रसाद का दोना लेकर दर्शन की कतार में खड़े हो जाईये। जब आप श्री बालाजी महाराज के प्रतिमा के सामने पहुंच जायेगे तो मन ही मन श्री बालाजी महाराज के दरबार में सुरक्षित पहुंचाने का धन्यवाद जताये और पुरे भक्ति भाव से बाबा का दर्शन करे।आपकी कोई परेशानी या मनोकामना होगी वह भी बाबा को बता सकते है।पुजारी के सामने प्रसाद का दोना आगे कर दे। पुजारी दोने में से प्रसाद का कुछ अंश निकाल कर पास ही जल रही धुनि में अर्पित कर देगा।

श्री बालाजी महाराज के मंदिर से बाहर निकलने के बाद पास ही में भैरव बाबा का मंदिर है। भैरव बाबा के मंदिर में जाकर दर्शन करे। भैरव बाबा मंदिर के पुजारी आपके प्रसाद के दोने में से प्रसाद का कुछ अंश धुनि में डाल देगा।

भैरव बाबा मंदिर से आगे सीढिया चढ़कर श्री प्रेतराज सरकार के मंदिर में जाना है और श्री प्रेतराज सरकार का दर्शन करना है।यहाँ पर भी पुजारी आपका प्रसाद का कुछ अंश धुनि में दाल देगा।

श्री प्रेतराज सरकार के मंदिर से बाहर निकलने के बाद आपको पहाड़ी दिखायी देगी। पहाड़ी की तरफ पीठ करके खड़े हो जाईय दोने मे बचा सभी प्रसाद अपने सिर से सात बार उतारा लें और बिना पीछे देखे, पीछे ही फेंक दे और मंदिर से बाहर निकल जाये।

परेशानी ,संकट ,भुत प्रेत से मुक्ति पाने के लिए दर्शन विधि (अर्जी)
अगर आपको नौकरी नहीं मिल रही है ,नौकरी छूट गयी है या प्रमोशन नहीं हो रहा है ,परीक्षा में बार बार फेल हो रहे हो ,धंधा ठीक तरहसे चल नहीं रहा है ,किसी बीमारी से पीड़ित है,भुत प्रेत ने जकड लिया है ,मानसिक बीमारी के शिकार है या और कोई समस्या है।इन समस्या से छुटकारा पाने के लिए श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज को अर्जी लगायी जाती है। 

अर्जी लगाने का समय - 
सुबह 6 बजे से सुबह 11 .30 तक होता है।

कोनसे दिन अर्जी नहीं लगती - 
एकादशी, सूर्य ग्रहण ,चन्द्र ग्रहण के दिन अर्जी नहीं लगती। 

अर्जी लगाने की विधि

श्री मेहंदीपुर धाम के किसी भी प्रसाद के दुकान पर जाये दुकानदार को अर्जी देने को कहे। दुकानदार तीन थाली और दरख्वास्त का दोना देखा। एक थाली में लड्डू ,एक थाली में उबले हुए चावल और एक थाली में उबले हुए उड़द देगा । साथ मे एक कटोरी में घी भी देगा।अर्जी लगाने का कार्य तीन भागो में करना पड़ता है। 

अर्जी लगाने का पहला कार्य -
अर्जी के पहले भाग में दरख्वास्त और अर्जी साथ में लगानी पड़ती है। सबसे पहले दुकानदार से दरख्वास्त का दोना और लड्डू की थाली और घी का कटोरा लेकर सर पर रखकर श्री बालाजी महाराज के दर्शन लाइन में लग जाये।उड़द और चावल की थाली दुकानदार के पास ही छोड़ दे। दर्शन लाइन में खड़े है तब तक मन ही मन अपना पूरा नाम,पता और अपनी समस्या श्री बालाजी महाराज को बताये।श्री बालाजी महाराज के सामने पहुंचने के बाद फिरसे बाबा को मन ही मन अपना नाम पता और समस्या बताये। प्रसाद की थाली को पुजारी के आगे कर दें। पुजारी दरख्वास्त के दोने और थाली में से कुछ लड्डू और कटोरी में से घी निकाल कर बाबा के सामने जल रहे धुनि मे डाल देगा और बाकि बचे लड्डू आपकी थाली में छोड़ देता है। 

इसके बाद आपको भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार के दरबार में  जाना है। दोनों मंदिरो में दरख्वास्त के दोने में से पुजारी कुछ प्रसाद निकाल कर धुनि में डाल देगा। आपको भैरवबाबा और प्रेतराज सरकार के मंदिर में सिर्फ दरख्वास्त के दोने मेसे ही लड्डू  देना है। बड़े थाली के लड्डू देना नहीं है। दरख्वास्त का कार्य पूर्ण करने के बाद  फिरसे सीधे वापिस दुकानदार के पास जाना हैं। श्री बालाजी महाराज के मंदिर में भोग लगाने के बाद बाकि बचे लड्डू दुकानदार को वापिस देने है।

अर्जी लगाने का दूसरा कार्य 
दुकानदार आपको उबले चावल और उबले हुए उड़द की थाली देगा। श्री बालाजी महाराज को भोग लगाने के बाद आपने जो लड्डू दुकानदार को वापस दिए थे उसमे से दो लड्डू चावल की थाली और दो लड्डू उड़द की थाली के ऊपर रख देगा। बाकि बचे लड्डू दुकानदार अपने पास रख लेगा जो अर्जी का कार्य समाप्त होने के बाद आपको वापिस देगा। 

आपको ये उबले चावल और उबले हुए उड़द की दोनों थाली लेकर भैरव बाबा के मंदिर में जाना है। भैरव बाबा के मंदिर में जाने के लिए आरती हॉल से अलग रास्ता जाता है। यहाँ आपको दर्शन लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं है। आप सीधे भैरव बाबा के  मंदिर में पहुंच जायेंगे।
भैरवबाबा के मंदिर में आपको पुजारी को उड़द की थाली देनी है। पुजारी कुछ उड़द और लड्डू लेकर धुनि मे डाल देगा। भैरव बाबा को भी मन ही मन अपना नाम, पता और समस्या बतानी है। जो आपने श्री बालाजी महाराज के सामने बतायी थी। 

भैरव बाबा के मंदिर से आगे श्री प्रेतराज सरकार के मंदिर में जाना है। वहां आपको पुजारी को चावल की थाली देनी है। पुजारी कुछ चावल और लड्डू लेकर धुनि मे डाल देगा।यहाँ भी आपको मन ही मन अपना नाम ,पता और समस्या श्री प्रेतराज सरकार को बतानी है। 

श्री प्रेतराज सरकार के मंदिर से बाहर निकलने के बाद एक स्थान पर आपको दोनों थाली में बचे उड़द और चावल अपने ऊपर से सात बार उतारा कर पीछे की ओर गिरा देना है और मुड़कर पीछे नहीं देखना है।आपको दोनों खाली थाली लेकर सीधे वापिस प्रसाद की दुकान पर पहुंचना है।श्री बालाजी महाराज के दर्शन के बाद आपने बचे हुए लड्डू दुकानदार के पास जमा किये थे वह आपको वापिस देगा। यह लड्डू सिर्फ आपको ही खाने है किसी दूसरे को देने नहीं है। 

अर्जी लगाने का तीसरा और अंतिम कार्य

अंतिम कार्य में आपको दुकानदार फिरसे एक दरख्वास्त का प्रसाद का दौना देगा।आपको एक बार फिर से श्री बालाजी महाराज के दर्शन लाइन में लगना होगा। श्री बालाजी महाराज के समक्ष पहुंच कर मन ही मन अपना नाम और पता बता कर बोलना है बालाजी महाराज मेरी लगायी हुई अर्जी को मंजूर किजिये। आगे भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार के मंदिर में जाकर यही सभी दोहराना है। तीनो देवताओ के सामने दरख्वास्त लगते ही आपकी अर्जी पूरी हो जाती है।

श्री मेहंदीपुर धाम से कोनसी चीजे घर न ले जाये
मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में चढ़ाया गया प्रसाद यहीं बाट दे इसे घर पर ले जाने की मान्यता नहीं है। खासतौर से जो संकट ग्रस्त लोग, भुत प्रेत से बाधित लोग हैं, उन्हें और उनके परिजनों को कोई भी मीठी चीज और प्रसाद आदि साथ लेकर नहीं जाना चाहिए। शास्त्रों के मान्यता अनुसार मिठाई और सुगंधित चीजे आदि नकारात्मक शक्तियों को अधिक आकर्षित करती हैं। सिर्फ मंदिर से मिला प्रसाद ही घर लेकर जाये।

श्री मेहंदीपुर बालाजी youtube Video 

2 comments:

  1. pleasw tell about Guruvayur trip from delhi or it can be included in trv kanaykumari rmm maduri tirupati

    ReplyDelete
  2. बहुत ही उम्दा जानकारी दी आपने। धन्यवाद!
    जय श्री बालाजी महाराज!

    ReplyDelete

Thank you for comment