Wednesday, December 19, 2018

Grishneshwar Temple Maharashtra Complete travel guide in hindi

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से लगभग ३० कि.मी. दूर वेरुल गांव में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंगों में आखिरी माना जाता है।इसे घुश्मेश्वर , घुसृणेश्वर या घृष्णेश्वर भी कहा जाता है। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लेने से मनुष्य को जीवन का हर सुख मिलता है और जाने अनजाने में हुए पाप से मुक्ति मिलती है।
औरंगाबाद कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग
औरंगाबाद हवाई अड्डा औरंगाबाद शहर से 10 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। हैदराबाद, दिल्ली, उदयपुर, मुंबई, जयपुर, पुणे और नागपुर प्रमुख शहरों से सीधे हवाई सेवा उपलब्ध है।हवाई अड्डे से औरंगाबाद के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
रेल मार्ग
औरंगाबाद सभी प्रमुख शहरों से रेल द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।भारतीय रेलवे के दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र के नांदेड डिवीजन के सिकंदराबाद-मनमाड खंड पर स्थित एक स्टेशन है। नांदेड़, परली, नागपुर, निजामाबाद, नासिक, पुणे, कुरनूल, रेनिगुंटा, मदुरै, भोपाल, ग्वालियर, वडोदरा और नरसापुर से रेल सेवा उपलब्ध है।

Thursday, November 22, 2018

varanasi dharmshala & Ashram

वाराणसी धर्मशाला और आश्रम
Seth Anand Ram Jaipuria Smriti Bhawan Society
D-37/42, Godowlia, Varanasi - 221001,
Opposite Marwadi Hospital, Bara Dev

Sri Raj Rajeshwari Nitya Anna-daan Satram & Yatri Nivas
D-25/43, Naradghat, Devnathpura,
Varanasi - 221001, Pandey Haveli

Sri Rama Taraka Andhra Ashram
B 14/92, Varanasi - 221001, Manasorovar

वाराणसी के प्रमुख गंगा घाट


वाराणसी में लगभग ८४ घाट हैं। ये घाट लगभग ६.५ किमी लं‍बे तट पर बने हुए हैं। इन ८४ घाटों में पांच घाट बहुत ही पवित्र माने जाते हैं। इन्हें 'पंचतीर्थी' कहा जाता है। पांच घाट इस प्रकार है, अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, आदिकेशव घाट, पंचगंगा घाट तथा मणिकर्णिक घाट। अस्सी ‍घाट सबसे दक्षिण में स्थित है जबकि आदिकेशव घाट सबसे उत्तर में स्थित हैं।

Varanasi (Banaras / kashi) complete travel guide in hindi

वाराणसी कैसे  पहुंचे 
रेल मार्ग द्वारा
वाराणसी में तीन रेलवे स्टेशन हैं।

वाराणसी जंक्शन :- वाराणसी रेलवे जंक्शन को आमतौर पर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता है। इस स्टेशन से रोजाना 1.5 लाख से अधिक यात्रियों और रोजाना 240 से अधिक ट्रेनों की आवा - जाहि होती है।
मुगल सराई जंक्शन :- जो वाराणसी से करीब 8 किलोमीटर दूर है। इस रेलवे स्टेशन से  विशेष रूप से पूर्वी भारत के लिए कई ट्रेनें चलती है।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन :- वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से करीब 4 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यह स्टेशन उत्तर पूर्वी रेलवे की ट्रेनों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है।
राजधानी एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, लोकमान्य  तिलक वाराणसी एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस, गंगा कावेरी एक्सप्रेस, संगमित्र एक्सप्रेस, सिकंदराबाद पटना एक्सप्रेस और मारुधर एक्सप्रेस कुछ प्रमुख ट्रेनें हैं जो भारत भर से वाराणसी जाते हैं।

Tuesday, October 30, 2018

Naina devi bilaspur himachal pradesh travel guide in hindi

नैना देवी कैसे पहुंचे 
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा चंडीगढ़ में है और चंडीगढ़ से नैना देवी लगभग 110 किमी दुरी पर स्थित है।
रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन आनंदपुर साहिब में है और वहां से नैना देवी लगभग 25 किमी दुरी पर स्थित है।
सड़क मार्ग
नैना देवी मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग 21 से जुड़ा हुआ है।पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सभी महत्वपूर्ण शहरों से नियमित राज्य परिवहन बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

Sunday, October 14, 2018

Golden Temple Vellore travel guide in hindi

गोल्डन टेम्पल वेल्लोर
श्रीपुरम का स्वर्ण मंदिर तमिलनाडु राज्य के वेल्लोर शहर में मलाइकोडी नामक क्षेत्र में छोटे हरे पहाड़ों के बीच स्थित है। यह तिरुमालाकोदी के स्थान पर वेल्लोर शहर के दक्षिण भाग में स्थित है।यह मंदिर महालक्ष्मी देवी को समर्पित है। जिसे लक्ष्मी नारायणी मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर अंदर से और बाहर से सोने की परतो से बनाया गया है।इस का निर्माण लगभग 100 एकड़ भूमि पर किया गया है, जिसे वेल्लोर के श्री नारायणी-पेदम द्वारा धार्मिक गुरु शक्ति अम्मा द्वारा निर्मित किया गया है।

Thursday, September 27, 2018

Bhimashankar Jyotirlinga maharashtra travel guide in hindi

भीमाशंकर कैसे पहुंचे
रेल द्वारा

भीमाशंकर के निकटतम रेलवे स्टेशन पुणे है।पुणे रेल से न केवल अन्य महाराष्ट्र के शहरों से जुड़ा हुआ है बल्कि भारत के अधिकांश प्रमुख शहरों के साथ भी जुड़ा हुआ है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बैंगलोर, मैसूर, लखनऊ और कई अन्य शहरों से सीधी गाडियां नियमित रूप से उपलब्ध हैं। 

सड़क द्वारा
पुणे से भीमाशंकर कैसे पहुंचे
पुणे से भीमाशंकर 125 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। पुणे शिवजी नगर बस स्टैंड से भीमाशंकर के लिए MSRTC की बसे हर आधे घंटे के बाद नियमित रूप से चलती है।

Friday, September 14, 2018

Srisailam Mallikarjuna visiting places and compete travel guide in hindi

श्रीशैलम

श्रीशैलम् आन्ध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में स्थित है।श्रीशैलम् यह नल्लमाला पर्वत पर कृष्णा नदी के किनारे पर स्थित है। यहां भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी और भ्रमरंभा देवी  को समर्पित मंदिर है। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगओं में से एक और माता सती  के 51 शक्ति पीठ मे से एक शक्ति पीठ है।

Friday, August 10, 2018

Vrindavan Travel guide & visiting places in hindi

How to reach Vrindavan

वृन्दावन कैसे पहुंचे 
हवाई मार्ग
निकटतम घरेलू हवाई अड्डा आगरा में है, वृन्दावन से 65 किलोमीटर दूर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली में 165 किलोमीटर की दूरी पर है। आप हवाई अड्डे से किसी भी हवाई अड्डे से आसानी से टैक्सी प्राप्त कर सकते हैं।

Friday, July 13, 2018

Mathura Travel Guide In Hindi

How to reach mathura

मथुरा कैसे पहुंचे
रेल द्वारा

रेल्वे से  मथुरा दोनों पश्चिमी और केंद्रीय रेल्वे  से जुड़ा हुवा हैं, ज्यादातर प्रमुख ट्रेनें मथुरा रेल्वे  जंक्शन में रुकती हैं। रेल्वे स्टेशन से मंदिर तक पहुंचने के लिए आप सार्वजनिक परिवहन टैक्सी , ऑटो-रिक्शा प्राप्त कर सकते हैं।मथुरा भारत के प्रमुख शहरों जैसे नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी आदि से ट्रेन से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। मथुरा को  चार रेल्वे स्टेशनों द्वारा जोड़ा गया है। 

Wednesday, June 20, 2018

Visiting Places in agra


लाल किला Agra Fort

आगरा से दुरी - 1 km
आगरा फोर्ट या आगरा के लाल किले के रूप में भी जाना जाता है, आगरा किला विश्व प्रसिद्ध ताजमहल से मात्र 2.5 किलोमीटर की दूरी पर आगरा में यमुना नदी के दाहिने किनारे पर स्थित एक विशाल किला है। अपनी दीवारों के भीतर एक पूरे शहर को शामिल करते हुए, यह आकर्षक संरचना वर्ष 1573 में अकबर द्वारा बनाई गई थी। 1638 तक आगरा किला मुगल का

Taj Mahal Agra Complete Travel Guide In Hindi

आगरा कैसे पहुंचे 

सड़क मार्ग द्वारा
आगरा राजधानी दिल्ली से 204 किमी दूर है और राष्ट्रीय राजमार्ग 2, 3 और 11 के चौराहे पर है। दिल्ली से आगरा के लिए लगभग 3.5 - 4 घंटे लगते हैं। दिल्ली से कार और बस्से उपलब्ध हैं। आगरा में मुख्य बस स्टेशन इदगाह और आगरा किला हैं और दिल्ली, जयपुर, गुआलीर, झांसी और लखनऊ से निर्धारित, वातानुकूलित और लक्जरी बस सेवा चलती हैं।
हवाई मार्ग द्वारा
आगरा हवाई अड्डा (एजीआर) शहर से 12.5 किमी दूर एक सैन्य एयरबेस है।सीधे दिल्ली, वाराणसी और खजुराहो से जुड़ा हुआ है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इन हवाई अड्डों से निकलती हैं और प्रस्थान करती हैं।

Saturday, June 2, 2018

Shani Shinganapur Travel Guide in hindi

How to reach Shani Shinganapur

शनि शिंगणापुर कैसे जाये
सड़क मार्ग द्वारा

शनि शिंगणापुर  सड़क से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह औरंगाबाद - अहमदनगर रोड पर गोधगांव से 6 किमी दूर स्थित है। यहाँ से ऑटो या बस से पंहुचा जा सकता है। यह सड़क साल भर खुला रहता है। शनि शिंगणापुर आने वाले ज्यादातर लोग इस स्थान पर शिरडी में साई बाबा का दर्शन करने बाद आते है। 
शिंगणापुर की दूसरे शहरों से दुरी - राहुरी बस स्टॉप 32 किमी, अहमदनगर 35 किमी, और औरंगाबाद से 84 किमी दूर है। नासिक 144 किमी, पुणे 161 किमी, वाशी 265 किमी, और मुंबई 293 किमी स्थित है।शिंगणापुर आने के लिए महाराष्ट्र सरकार की बसे या टैक्सी ,कार आसानी से मिल जाती है।
रेल मार्ग द्वारा
शिरडी साई नगर रेलवे स्टेशन से पहुंचा जा सकता है, अन्य रेलवे स्टेशन की दुरी मनमाड जंक्शन (60 किलोमीटर), कोपरगांव (22 किमी) और नागर्सुल (50 किमी) हैं।

शनि की साढ़ेसाती क्या होती है और उपाय

शनि की साढ़े साती

इस पोस्ट का उद्देश्य अंधश्रद्धा को बढ़ावा देने का बिलकुल भी नहीं है। अगर हम ईश्वर के अस्तित्व को मानते है तो साढ़े साती जैसे दूसरे तथ्य पर भी विश्वास करना होगा।ज्योतिषशास्र नुसार सभी के जीवन में एक बार शनि की साढ़े साती लगती ही है। जब लोगो को पता चलता है उनके राशि में शनि की साढेसाती चल रही है। यह सुनते ही लोग भयभीत हो उठते हैं और मानसिक तनाव में आ जाते हैं। साढ़े साती से डरने की आवश्यकता नहीं है। सभी को साढ़े साती का फल बुरा नहीं मिलता। पौराणिक कथा अनुसार दो व्यक्ति का उदाहरण लेते है। राजा हरिचन्द्र और रावण दोनों ही साढ़े साती के दौर से गुजरे थे ,राजा हरिचंद्र को अपना राजपाट खोना पड़ा था और अत्यधिक कष्ट का सामना करना पड़ा था अंत में उनके अच्छे कर्म के कारन उनको राजपाट फिरसे प्राप्त हुवा था और उनका तीनो लोगो में नाम हुवा। इसके विपरीत रावण दुष्कर्मी था इसलिए उसका सर्वनाश हुवा। 

Monday, May 21, 2018

Kamakhya temple Guwahati Complete travel guide in hindi

रेल मार्ग द्वारा 
गुवाहाटी रेल्वे स्टेशन उत्तर-पूर्वी भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम, चंडीगढ़ और हैदराबाद जैसे भारत के कई प्रमुख शहरों से रेल द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।अलग कामख्या रेलवे स्टेशन भी है, जो मंदिर के नजदीक है,लेकिन वहाँ सभी ट्रेने जाती नहीं है। 

51 Shakti Peeth Ki Kahani

51 Shakti Peeth Story 

शक्तिपीठ क्या है ?
हिन्दू पौराणिक कथा के अनुसार माता दुर्गा ने सती के रूप में राजा प्रजापति दक्ष जो ब्रम्हा के पुत्र थे उनके  घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था। ब्रम्हा जी के कहने पर सती का विवाह राजा दक्ष ने  शिवजी से विवाह किया था। परन्तु दक्ष उस विवाह से संतुष्ट नहीं थे।क्योकि शिवजी का  श्मशान में निवास करना, चिता भस्म शरीर में लगाना, खोपड़ियों तथा हड्डी की माला धारण करना, सर्पो को अपना आभूषण बनाना दक्ष को पसंद नहीं

Places to Visit in Kamakhya - Guwahati in Hindi

Best Places to visit in Guwahati

Bhuwaneshwari Temple
भुवनेश्वरी मंदिर
कामाख्या मंदिर से दुरी - 1 km
भुवनेश्वरी मंदिर कामाख्या टैक्सी स्टैंड से टैक्सी या ऑटो से पंहुचा जा सकता है। या पैदल भी जा सकते है। यह मंदिर नीलंचल पहाड़ी पर कामाख्या मंदिर की तुलना में थोड़ी अधिक ऊंचाई पर स्थित है। कामख्या मंदिर में जाने वाले सभी भक्त भुवनेश्वरी मंदिर में नहीं जाते हैं। इसलिए यहाँ कम भीड़ होती है भुवनेश्वरी देवी की पूरे ब्रह्मांड की देवी के रूप में पूजा की जाती है।यहां से ब्रह्मपुत्र नदी और गुवाहाटी शहर के सुरम्य दृश्य का आनंद ले सकते हैं।

Wednesday, May 2, 2018

Best Places to Visit in Deoghar Baba Baidyanath Dham

Places to Visit in Deoghar 

देवघर बैद्यनाथ धाम के दर्शनीय स्थल
शिवगंगा 
बैद्यनाथ मंदिर से 200 मीटर दूर स्थित है। जब रावण लंका में लिंग ले जा रहा था , तो उसे लघुशंका की इच्छा महसूस हुई। उसने शिव लिंग को ग्वाले को सौंप दिया और लघुशंका के लिए चला गया। लघुशंका के बाद, उसे शिव लिंग को स्पर्श करने से पहले अपने हाथ धोने और शुद्ध होने की आवश्यकता थी। जब उसे पास में किसी भी पानी का स्रोत नहीं मिला, तो उसने धरती पर अपनी मुट्ठी से जोरसे प्रहार किया और धरती से पानी निकाला और एक तालाब बनाया। यह तालाब अब शिवगंगा के रूप में जाना जाता है।

Baba Baidyanath Dham Deoghar Travel Guide in Hindi

How to Reach Baba Baidyanath Dham Deoghar

बाबा बैद्यनाथ धाम कैसे पहुंचे
सड़क मार्ग द्वारा
देवघर सीधे बड़े शहरोसे जुड़ा हुआ है। कोलकाता (373 किमी), पटना (281 किमी), (रांची 250 किमी) तक सड़क से जुड़ा हुआ है। देवघर से धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, रांची और बर्धमान (पश्चिम बंगाल) तक नियमित बसें चलती हैं।

Wednesday, April 18, 2018

Amritsar visiting Places

स्वर्ण मंदिर

रेल्वे स्टेशन से स्वर्ण मंदिर की दुरी - २ की.मि.
स्वर्ण मंदिर सिख धर्म का प्रमुख देव स्थान है। जिसे हरमंदिर साहिब ,दरबार साहिब भी कहा जाता है।

हरमंदिर साहिब अमृत सरोवर के बीचो बीच बना है। इसे देखने दुनिया भर से लोखो श्रद्धालु आते है।
हरमंदिर साहिब के ऊपर और भीतर सोने की परत चढ़ाई गयी है।इस लिए इसे स्वर्ण मंदिर कहा जाता है।

Monday, April 16, 2018

Amritsar Golden Temple Complete travel guide in hindi

अमृतसर कैसे पहुंचे

रेल मार्ग
अमृतसर  के लिये दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता, आगरा और चंडीगढ़ सहित अन्य सभी शहरों रेल्वे सेवाये उपलब्ध है।
सड़क मार्ग 
अमृतसर सड़क मार्ग से देश के सभी  बड़े शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। ग्रांड ट्रंक रोड अमृतसर को दिल्ली से जोड़ता है। आईएसबीटी, दिल्ली से अमृतसर तक नियमित बसें उपलब्ध हैं। चंडीगढ़, डलहौसी, चंबा और धर्मशाला के बीच नियमित बस सेवा उपलब्ध है। 

Saturday, March 24, 2018

चीनी खाने के नुकसान

शरीर को रोजाना कितनी मात्रा में शुगर की आवश्यकता होती है ?

पुरुषो को 150 कैलोरी प्रति दिन 37 .5 ग्राम
महिलाओ को 100 कैलोरी प्रति दिन 25 ग्राम

चीनी के ज्यादा सेवन करने के बाद शरीर क्या करता है ?

शरीर के पास दो तरह विकल्प होते है। शरीर के लिए आवश्यक ऊर्जा का निर्माण करना और बची शुगर पेट या कमर और शरीर के दूसरे हिस्ये में वसा के रूप में जमा करना।जब भी हमारा मीठा खाने का मन करता है तो हम चाय ,कॉफी ,मिठाई का सेवन करते है। अगर हम रोजाना मीठे पदार्थ का सेवन अधिक मात्रा में करने लगे तो इसका बुरा असर हमारे शरीर पर पड़ने लगता है। 

Friday, March 23, 2018

हल्दी वाला दूध सेवन के फायदे

हल्दी को आयुर्वेद में  चमत्कारिक और महत्वपूर्ण औषधि माना गया है। हल्दी की एंटीबायोटिक्स प्रॉपर्टीज़ और दूध में मौजूद कैल्शियम जब ये दोनों एक साथ मिलते हैं तो हल्दी दूध के गुण और भी बढ़ जाते हैं और उसका असर दोगुना हो जाता है। हल्दी दूध को गोल्डन मिल्क भी कहा जाता है।इन्हें एक साथ पीने से कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं का निवारण होता  हैं। हल्दी वाला दूध सेवन करने के कई लाभ होते है, ऐसे ही कुछ लाभों को हम आपको बतायेंगे ताकि आप हल्दी के दूध के सेवन से मिलने वाले लाभ से परिचित हो सके। 

Friday, March 9, 2018

Char Dham Uttarakhand Yatra Complete planning

उत्तराखंड छोटा  चार धाम यात्रा 

हिन्दू ग्रंथो के अनुसार बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम को चार धामों में गिना जाता है। इन पवित्र स्थलों की यात्रा को चार धाम यात्रा कहा जाता है।लेकिन उत्तराखंड के गंगोत्री ,यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ इन्हें भी चार धामों में गिना जाता है। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा को छोटा चार धाम यात्रा कहते है।   

Saturday, February 24, 2018

Badrinath Dham yatra complete guide in hindi

How to plan a trip to Badrinath

बद्रीनाथ यात्रा का प्लानिंग कैसे करे 

बद्रीनाथ यात्रा की शुरुवात  - हरिद्वार या ऋषिकेश से करे
हरिद्वार से बद्रीनाथ की दुरी  - ३२४ की मी    
बद्रीनाथ कैसे पहुंचे  - हरिद्वार रेल्वे स्टेशन के सामने बस स्टैंड है वहासे बद्रीनाथ जाने वाली बस मिलती है।  किराये की कार भी मिलती है।   
बद्रीनाथ यात्रा के लिये कितने दिन की होगी  -  हरिद्वार से बद्रीनाथ से  हरिद्वार ४ दिन 

Thursday, February 8, 2018

Haridwar Visiting Places

हरिद्वार

हरिद्वार उत्तराखण्ड राज्य में स्थित है।हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थ है।हरिद्वार को हरी का द्वार भी कहा जाता है। हरिद्वार हिन्दुओं के सात पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। गंगा नदी समुद्रतल से 3139 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अपने स्रोत गौमुख (गंगोत्री ) से 253 किमी की यात्रा करके गंगा नदी हरिद्वार के मैदानी क्षेत्रों में आती है, इसलिए हरिद्वार को गंगाद्वार के नाम से भी जाना जाता है।हरिद्वार वह स्थान है जहाँ अमृत की कुछ बूँदें भूल से घड़े से गिर गयीं जब गरुड़ उस घड़े को समुद्र मंथन के बाद ले जा रहे थे।

Kedarnath Dham Yatra Complete Guide In Hindi

केदारनाथ मंदिर के बारे में ?

About kedarnath Temple

केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यह मंदिर हिमालय पर्वत की गोद में स्थापित है। केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंग में से सर्वोच्च स्थान पर है और पंच केदार मे से एक है। इस मंदिर का निर्माण पाण्डव वंश के जनमेजय ने कराया था। आदि शंकराचार्य ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। यह मंदिर कत्यूरी शैली से पत्थरो में बनाया है।


Thursday, January 11, 2018

Konark Sun temple

कोणार्क सूर्य मंदिर कैसे जाये

How to reach konark sun temple

जगन्नाथ पूरी से कोणार्क सूर्य मंदिर की दुरी  :- ३५ कि.मी.
जगन्नाथ पुरे से कोणार्क जाने के लिए OTDC  की बसे पथनिवास  होटल से मिल जाती है। बहुत सारी प्राइवेट बसे ,कार मिल जाती है।
भुवनेस्वर से कोणार्क सूर्य मंदिर की  दुरी :-  ६७ कि.मी.
भुवनेश्वर से कोणार्क जाने की लिए OTDC  की बसे या प्राइवेट बसे ,कार मिलजाती है।