Friday, November 3, 2017

Vaishno devi Yatra Complete trip Guide


वैष्णो देवी यात्रा की सम्पूर्ण जानकारी 

वैष्णो देवी यात्रा  का सही समय 

Best time to visit Vaishno Devi

वैष्णो देवी यात्रा साल भर चलती है। बारिश और ठंड  के दिनों में भूस्खलन की संभावना होती है।ठंड के दिनोमे बर्फ बारी भी होती है। तापमान -२ से   - ४ तक चला जाता है।  
मार्च से जून और सितम्बर से नवम्बर के महीने में  वैष्णो देवी की यात्रा करना सबसे बेहतर समय होता है।  


वैष्णो देवी स्थल के बारे में 

About Vaishno Devi 

कटरा जम्मू जिले का एक गाँव है। कटरा स्थित ५२०० फुट ऊंचे त्रिकूट पर्वत के ऊपर बना है। कटरा से १३ किलोमीटर की दुरी पर माँ वैष्णो देवी एक गुफा में विराजमान है। जिसे भवन कहा जाता है। 

वैष्णो देवी कटरा कैसे पहुँचे 

How to reach Vaishno Devi Katra

कटरा जाने के लिए सबसे पहले जम्मू पहुंचना होता है। जम्मू तक रेल, विमान, बस सेवा उपलब्ध है।  जम्मू से कटरा ५० किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। पहले जम्मू तक ही रेल चलती थी। अभी कटरा तक रेल लाइन बिछाई गई है।बहुत सारी  रेल्वे डायरेक्ट कटरा तक जाती है।   

दूसरे शहरोसे  डायरेक्ट कटरा जाने वाली ट्रैने 

direct train from other city to katra  

दूसरे शहरोसे जम्मू  कुल ९० ट्रेने चलती है। उसमेसे निम्न २१ ट्रेने ही  कटरा जाती है।  

Train No.    Train Name                                           Departs
15655  Kamakhya (Assam)- Katra Express           10.45   Sunday   
82651 Yesvantpur (Bengaluru)- Katra Suvidha     11.30   Saturday
14611  Ghazipur City(UP) - Katra Weekly Exp.     08.15   Friday  
12919  Malwa SF Express (M.P.)                          12.25   Daily
12475  Sarvodaya Express(Jamnagar Guj.)           05.30  Wed.
12477  Jamnagar (Gujarat) - Katra (Sindhu)          05.15  Tuesday
19415  Ahmedabad (Gujarat) - Katra Express       19.05   Sunday
12471  Swaraj Express (Mumbai)                           07.55  Sunday, Monday, Thursday, Friday

12473  Sarvodaya Express (Ahmedabad)              11.30  Saturday
04409  Delhi - Katra Special                                   21.10  Monday,Wednesday., Friday

14033  Jammu Mail (old delhi)                                20.10  Daily 
12445  Uttar Sampark Kranti (New Delhi)              20.50  Daily
22461  Shri Shakti AC Express (New Delhi)           17.30  Daily
14503  Kalka (haryana) - Katra Express                 19.00  Tuesday , Friday 

16031  Andaman Express (Chennai)                       05.15  Sunday, Wednesday,Thursday 
16317  Himsagar Express(Kanyakumari)                14.15  Friday
11449  Jabalpur - Katra (Durgawati) Express         06.30  Tuesday
16687  Navyug Express (Mangaluru)                      16.50  Monday   

16787  Tirunelveli(Tamil Nadu) - Katra                   16.00  Monday, Friday
19803  Kota (Rajasthan) - Katra  Express               14.30  Saturday
04401  Anand Vihar ( Delhi) - Katra                        22.20  Monday, Friday 



वैष्णो देवी कटरा में कहाँ रुके 

where to stay in katra Vaishno devi

माता वैष्णो देवी  शरीन बोर्ड भक्त निवास

 निम्न जगह पर शरीन बोर्ड के भक्त निवास में  रूम  ऑनलाइन या  भक्त निवास जाकर बुक करा सकते है। 
LOCATION                       COMPLEX     
     Jammu                       Vaishnavi Dham
                                        Saraswati Dham
                                        Kalika Dham
    

     Katra                          Niharika
                                        Shakti Bhawan
                                        Trikuta Bhawan
                                        Ashirwad Bhawan
                                        Spiritual Growth Centre
   
     Adhkuwari                  Shailputri Bhawan

                                        Sharda Bhawan
      
     Sanjichhat                  Mangla Bhawan
       

     Bhawan                     Main Bhawan Complex                           
                                       Vaishnavi & Gouri Bhawan
                                       Manokamana Bhawan


 ऊपर के सभी भक्त निवास में रू.७०० से रु. २००० तक  AC ,Non - AC  रूम उपलब्ध है। अगर एक ही बेड चाहिये तो एक बेड का १०० से १२० देना  होता है।

प्राइवेट होटल 
कटरा में लगभग ६०० होटल है। रू.५०० से रू.५०००० तक का किराया  है।  


वैष्णो देवी यात्रा का प्लानिंग कैसे करे  

How to plan a trip to Vaishno Devi    


कटरा में कितने दिन रुकना होगा           :-  एक दिन    

होटल रूम  कितने दिन के लिए बुक करे  :- एक दिन  

यात्रा पर्ची :-

वैष्णो देवी यात्रा में सबसे महत्त्व पूर्ण चीज यात्रा पर्ची है। वैष्णो देवी यात्रा का प्रारंभ बाणगंगा से होता है। यहाँ चेकपोस्ट बना है। यात्रा पर्ची के बिना आप चेक पोस्ट क्रॉस नहीं कर सकते। यात्रा पर्ची काउंटर कटरा बस स्टैण्ड के पास बना है। यात्रा पर्ची मुक्त मिलती है। 
यात्रा पर्ची काउंटर टाइम :- शुरुवात - सुबह ५ बजे
                                        बन्द - रात १० बजे
यात्रा पर्ची वैधता            :- यात्रा पर्ची निकालने के बाद ६ घंटे पूर्व चेकपोस्ट पार करना होता है ।



वैष्णो देवी यात्रा आसान बनाने  के लिए क्या करे ? 

What to do to easy the journey of Vaishno Devi?

रेल्वे रिज़र्वेशन :- कटरा के लिए ऑनलाइन www.irctc.co.in पर जाकर रेल्वे टिकट एडवांस में कन्फर्म बुक करे। 
यात्रा पर्ची और भक्त निवास में रूम बुक :-माता वैष्णो देवी  शरीन बोर्ड की वेब साईट पर जाकर ऑनलाइन यात्रा पर्ची और भक्त निवास में रूम एडवांस में बुक कर सकते है। 

यात्रा पर्ची और रूम ऑनलाइन बुक करने के लिए निम्न स्टेप्स से जाये :-

सभी ऑनलाइन बुकिंग ज्यादा से ज्यादा ६० दिन पहले  या  कम से कम  ४ दिन पहले कर सकते है। ऑनलाइन बुकिंग सुबह १० बजे से शुरू होती है।

१) https://www.maavaishnodevi.org वेब साईट ओपन करे.
२) New User Registration पर क्लिक करे और सारी डिटेल्स भर कर     
    user name टाइप करे। Password आपके ईमेल आईडी पर भेज दिया जाता है। 
3) Login पर क्लिक करे यूजर नेम और पॉसवर्ड टाइप करके लॉगइन करे
४) यात्रा पर्ची के लिए :- ऊपर के मेनू बार पर Yatra Parchi दिखेगा उस पर क्लिक करे। 
    रूम बुकिंग के लिए :- Room Bookings पर क्लिक करे।
५) उपलब्धता :- यात्रा की तारीख टाइप करके उपलब्धता चेक करे। अगर उपलब्ध है तो आगे Book Now पर     क्लिक करे।
६) अपनी डिटेल्स भरे :- नाम ,पिताजी का नाम , स्री या पुरुष ,उम्र पहचान पत्र का नंबर सभी डिटेल्स भरने के     बाद Proceed to book पर क्लिक करे। 
7) कोड टाइप करे :- Type The Code From Image: बॉक्स के ऊपर एक कोड दिखेगा उसे टाइप करने के         बाद Generate Yatra Parchi पर   क्लिक करे। यात्रा पर्ची जनरेट होगी, उसका प्रिंट आउट निकाल ना          होगा।
८) यात्रा पर्ची बुकिंग के समान ही रूम बुकिंग करना है। कोनसे भक्त निवास में रूम बुक करना चाहते हो उसकी     उपलब्धता पहले चेक करे आखिर में आप को पेमेंट गेटवे पर ले जायेगा।रूम का किराया क्रेडिट कार्ड, डेबिट     कार्ड से कर सकते है।जिस कार्ड से भुगतान किया उसे दिखाना अनिवार्य होता है। रूम बुकिंग का प्रिंट आउट     निकाल ले। रूम चेक इन के वक्त उसे दिखाना होता है।


कटरा से वैष्णो देवी भवन कैसे जाये 

कटरा बस स्टैंड से २ किलोमीटर की दुरी पर बाणगंगा से यात्रा का प्रारंभ होता है। कटरा बस स्टैंड से ऑटो से बाणगंगा जाना होता है।बाणगंगा में चेकपोस्ट बना है। यहाँ से यात्रा पर्ची चेक करके ही आगे जाने दिया जाता है।  बाणगंगा से भवन की दुरी १३ किलोमीटर है। पहाड़ी चढ़कर जाना होता है।कुछ जगह खड़ी चढ़ाई चढ़कर जाना होता है। भवन तक जाने के लिए अच्छा रास्ता बनाया गया है। चाय ,कॉफ़ी ,भोजन की व्यवस्था जगह जगह की गई है।  कटरा से भवन जाने के लिए हेलीकॉप्टर ,पौनी ,घोड़े ,पालखी ,पैदल जा सकते है। 

कटरा से भवन हेलीकॉप्टर यात्रा 

हेलीकॉप्टर :- किराया रू.१००५  (किराया बदलता रहता है )
हेलीकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी :- पवन हंस और ग्लोबल वेक्ट्रा 
कटरा हेलिपैड की दुरी :- कटरा बस स्टैंड से २ किलोमीटर 
ऊपर त्रिकूट पर्वत हेलिपैड (सांझीछत ) से भवन की दुरी :- २.५कि.मी. 
हेलीकाप्टर टिकट बुकिंग :- शरीन बोर्ड की वेब साइट पर जाकर बुक कर सकते है।ऊपर यात्रा पर्ची ओर रूम बुकिंग का प्रोसीजर बताया है। उसी समान हेलीकॉप्टर टिकट  बुक कर सकते है। 

हेलीकॉप्टर से भवन जाते वक्त निम्न तीन  चीजों साथ रखे    

  1. टिकट का प्रिंटआउट  
  2. पह्चानपत्र (आधारकार्ड )
  3. जिस कार्ड से टिकट का पेमेंट किया डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड  
हेलीकॉप्टर के सफर की दिक्कत 
हेलीकॉप्टर से जाने की सबसे बड़ी दिक्कत है ,मौसम।कटरा पहाड़ी इलाका होने के कारन  मौसम अचानक से बदल जाता है। जबतक मौसम साफ नहीं होता तब तक हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भरता। मौसम साफ होने तक इंतजार करो या टिकट कैंसल करो दो ही विकल्प बचते है। टिकट कैंसल किया तो वापस  कटरा में आना पड़ता है। ऑटो वाला कटरा बस स्टैंड से हेलिपैड जाने का  कम से कम १५० किराया लेता है।वापस हेलिपैड से कटरा जाने का  १५० अलग लगेगा।  पैसे की ओर वक्त की बर्बादी।  सांझीछत हेलिपैड से भवन तक की दुरी २.५ किलोमीटर है। सांझीछत से  से भवन तक  पैदल या घोड़े पर जाना पड़ता है।  

कटरा से भवन  ,घोड़े ,पिठू  पालखी की सवारी का शरीन बोर्ड द्वारा तय किराया 

घोड़े       :- कटरा से अधकुवारी    रू. ३८०
                कटरा से भवन          रू. ७००  
पिठू       :- कटरा से अधकुवारी   रू. १७५ 
                कटरा से भवन          रू.३५० 
पालखी  :- कटरा से भवन           रू.४००० 


कटरा से अर्धकुंवारी  नये रस्ते के बारे में (New update)

भवन जाने के लिए कुछ दिन पहले नए सात किलोमीटर रस्ते का निर्माण का काम चल रहा था। जो बालिनी ब्रिज से ताराकोट गॉव हो कर अधकुवारी तक जाता है। उस का निर्माण का कार्य पूरा हो चूका है और उसे यात्रियों के 13 मई 2018 से यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। यह मार्ग केवल पैदल जाने वाले यात्री के लिए है। इस मार्ग से घोड़े और खच्चर पालखी को पूरी तरह रोक लगा दी गयी है। यह मार्ग दर्शनी देवड़ी से अर्द्धकुवारी तक बनाया गया है। इस मार्ग की लम्बाई 7km और चौड़ाई 6 मिटर है।    
माँ वैष्णो देवी की पौराणिक कथा 

Legend of Maa Vaishno Devi

गुरु गोरखनाथ के सम्प्रदाय का भैरवनाथ नाम का एक तांत्रित था। अपनी तंत्र और मंत्र विद्या से महा प्रभावशाली बन गया था। देवी देवता के भक्तो को सताता था। उसके अत्याचार से देवी देवता के उपासक परेशान और दुःखी थे। लोगो को देवताओ की पूजा करने से रोकता था। मद्य और मांस खाने को प्रेरित करा था। लोगो को उसने अपने वश में कर लिया था। लोग उसके इशारे पर धार्मिक कार्य में बाधा उत्पन्न करके उपद्रव मचाया करते थे। हंसाली गांव में माता वैष्णो देवी का श्रीधर नाम का परम  भक्त रहा करता था।   माता की श्रीधर पर विशेष कृपा दृष्टी  थी। भैरवनाथ को इस बात की भनक लगी। भैरवनाथ  अपने ३६० शिष्यों के साथ श्रीधर के घर पहुंच गया और भंडारे का आयोजन करने का दबाव बनाया। सभी गांव वालो को भंडारे में  आमंत्रित करने का आदेश दिया।  श्रीधर गरीब ब्राम्हण था। वह घबरा गया और चिंता में डूब गया। तभी माता वहाँ प्रगट हुई और श्रीधर को समझाया तुम चिंता मत करो मै सभी प्रबंध  कर दूंगी।सभी गांव वालो को  भंडारे में आमंत्रित करो। श्रीधर ने सभी को भंडारे में आमंत्रित किया। सभी गांव वाले भंडारे में उपस्थित हो गए। भैरवनाथ भी अपने शिष्यों के साथ भंडारे में आ गया। माता वैष्णो देवी ने एक कन्या  का रूप धारण कर लिया। माता ने अपनी शक्ति से सोने चांदी  के बर्तन में   अनेक प्रकार के पकवान वहां उपस्थित कर दिये। माता स्वयं ही भोजन परोसने लगी। जब भैरनाथ को माता भोजन परोसने लगी तो उसने सात्विक भोजन खाने से मना कर दिया और मद्य,मांस  सेवन करने की बात कहने लगा। कन्या रूपी माता वैष्णो देवी ने भैरवनाथ को समझाने कोशिश की किंतु भैरव अपनी बात पर अड़ा रहा। उसने अपनी शक्ति से माता को पहचान लिया। वैष्णो देवी माता ने भी  भैरव की चाल को भाप लिया। जब भैरवनाथ ने उस कन्या को पकड़ना चाहा तो कन्यारूपी वैष्णो देवी वहां से त्रिकूट पर्वत पर भागी और एक गुफामे हनुमानजी को रक्षा करने के लिए  बाहर खड़ा करके, नौ माह तक गुफा में  तपस्या की,इसी गुफा को आज अर्द्धकुवारी के नाम से जाना जाता है।  हनुमानजी को प्यास लगाने पर वैष्णो देवी ने धनुष से बाण चला कर जलधारा का निर्माण किया। इस पवित्र जलधारा को बाणगंगा के नाम से जाना जाता है।जब भैरवनाथ माता को ढूंढते अर्द्धकुवारी गुफा तक पंहुचा तो माता वहासे त्रिकूट पर्वत वाली गुफा में जा बैठी। भैरवनाथ भी माता के पीछे पीछे गुफा में पहुंच गया। माता ने उसके शीश  पर इतनी जोर से प्रहार किया की उसका शीश  ८ किलोमीटर दूर जा गिरा। आज उस स्थान को भैरोनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। भैरवनाथ का वध जिस स्थान पर किया उसे भवन कहा जाता है।भैरवनाथ ने प्राण त्यागने से पहले माता से क्षमा याचना की वैष्णोदेवी माता को उस पर दया आई। माता वैष्णो देवी जानती थी भैरवनाथ की उनपर हमला करने प्रमुख मंशा मोक्ष प्राप्त करने की थी।वैष्णोदेवी ने भैरवनाथ को वरदान दिया मेरे दर्शन तब तक पुरे नहीं माने  जाएंगे जब तक कोई भक्त मेरे दर्शन के बाद तुम्हारे दर्शन नहीं करेगा।      
   

कटरा के दर्शनीय स्थल 

visiting place in katra

शिव खोरी (शिव खोड़ी ) 
शिव खोरी के लिए बस टाइम :-  सुबह १० बजे और दुपहर १ बजे 
बस कहा से मिलती है            :-  कटरा बस स्टैंड 
शिव खोरी कटरा से ७० किलोमीटर की दुरी पर है।कटरा से शिव खोरी जाने  के लिए बसे चलती है। रणसू गांव तक पक्की सड़क बनी है।  आगे चार किलोमीटर का रास्ता पैदल चलकर या घोड़े से करनी पड़ती है। यह चार किलोमीटर की यात्रा उची पहाड़ियों से घिरे प्राकृतिक दृश्य से भरपूर  टेढ़े  मेढ़े  रास्ते  से  गुजर कर शिव खोरी गुफा तक पूरी होती  है।गुफा का बाहरी भाग बड़ा है। गुफा १५० मीटर लम्बी है। गुफा के अंदर प्रवेश करने का  रास्ता बड़ा ही संकीर्ण है। यात्री सरक सरक एक एक कर आगे बढ़ते है।कुछ जगह पर घुटनो के बल भी चलना पड़ता है। गुफा के अंदर प्राकृतिक शिव लिंग बना है। इसकी ऊंचाई लगभग एक मीटर है। शिव लिंग के ऊपर गाय के स्तन जैसे आकृति बनी है। उसमेसे दूधिया रंग का पानी टपक कर शिवलिंग पर गिरता है।  गुफा से बाहर निकलने के लिए अलग दूसरा बड़ा रास्ता बनाया गया है।आसानी से बाहर निकला जा सकता है।   

बाबा जित्तो मंदिर Baba Jitto
बाबा  जित्तो का मंदिर शिव खोड़ी रस्ते पर पड़ता है। कटरा से ७ किलो मीटर की दुरी पर है। बाबा जित्तो माता वैष्णो देवी के परम भक्त थे। माता वैष्णो देवी कन्या रूप में उनके घर आया करती थी। 

नौ देवी मंदिर 

कटरा से ८ किलोमीटर की दुरी पर शिव खोड़ी रस्ते पर नौ देवी मंदिर स्थित है। यह एक प्राचीन स्थान है। लगभग १०० सीढ़िया  निचे उतरकर मंदिर की ओर जाना होता है। यहाँ एक छोटी गुफा बनी है। गुफा के भीतर लगभग लेटकर ही प्रवेश करना पड़ता है। गुफा के भीतर नौ देविया पिंड के रूप में  विराजमान है। नौ देवी यो के नाम इस प्रकार है ,शैलपुत्र देवी , भर्माचार्यिंनी देवी ,चन्द्रघंता देवी ,कुष्मंद देवी ,स्कंद देवी ,कात्यायनी देवी, महाकाली देवी  ,महा गौरी देवी  ,सिद्धिदत्री देवी   
    
भूमिका मंदिर 
रेल्वे स्टेशन से ७०० मीटर की दुरी पर भूमिका मंदिर है। यहाँ माता वैष्णो देवी की मुलाकात पंडित श्रीधर से हुई थी। वैष्णो देवी माता ने इसी  स्थान से त्रिकूट पर्वत  प्रस्थान किया था। 

देवा माई मंदिर 
कतरा से  ४ किलोमीटर जम्मू रोड पर देवा माई  मंदिर स्थित  है। माता वैष्णो देवी कन्या रूप में थी,तो इसी स्थान पर उनका निवास था और अपनी तपस्या इसी स्थान पर पूरी की थी। 

बाबा धनसर 

बाबा धनसर मंदिर कटरा से १५ किलोमीटर की दुरी पर है। यहाँ  छोटी सी गुफा में शिवजी का प्राकृतिक निर्मित शिवलिंग है। जिस पर निरंतर  पानी की बुँदे गिरती रहती  है। गुफा के उपरसे चट्टानों में से झरनो का बानी गिरता है। देखने में बेहद खूबसूरत लगता है।

वैष्णो देवी यात्रा का Youtube video देखने के लिए यहॉ क्लीक करे 






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